द्रोणेन केकय-चेदि-वीरवधः
Droṇa’s engagements with the Kekayas and Cedis
धृतराष्ट्र रवाच अर्जुने धरणीं प्राप्ते हपहस्ते च केशवे । एतदन्तरमासाद्य कथं पार्थो न घातित:,धृतराष्ट्रने पूछा--संजय! जब अर्जुन धरतीपर उतर आये और भगवान् श्रीकृष्णने घोड़ोंकी चिकित्सामें हाथ लगाया, तब यह अवसर पाकर मेरे सैनिकोंने कुन्तीकुमारका वध क्यों नहीं कर डाला?
سأل دِهْرِتَرَاشْتْرَا: «يا سَنْجَيا! حين نزل أرجونا إلى الأرض، وكان كِيشَفَا (شري كريشنا) يباشر معالجة الخيل، لِمَ لم يغتنم جنودي تلك الفُرصة فيقتلوا ابنَ كُنْتِي؟»
संजय उवाच