अहल्योवाच अजानन्त्या नियुक्त: स भगवन् ब्राह्मणो मया | भवत्प्रसादान्न भयं किंचित् तस्य भविष्यति,अहल्या बोली--भगवन्! मैं इस बातको नहीं जानती थी, इसीलिये उस ब्राह्मणको ऐसा काम सौंप दिया। मुझे विश्वास है कि आपकी कृपासे उसे वहाँ कोई भय नहीं प्राप्त होगा
قالت أَهَلْيَا: «يا مولاي الجليل، إنما كلّفتُ ذلك البراهمن بهذا الأمر عن غير علمٍ مني. وإني على يقينٍ أنه بفضل رضاك لن يناله هناك خوفٌ ولا أذى.»
वैशम्पायन उवाच