गोप्रदानगुणाः तथा कपिलागोविधानम्
Merits of Cow-Gift and the Origin-Account of Kapilā Cows
दायाद्यलब्धैरर्थ्यों गा: क्रीत्वा सम्प्रयच्छति । धर्मार्जितान् धनै: क्रीतान् स लोकानाप्लुते5क्षयान्,जो पुरुष अपनी पैतृक सम्पत्तिसे प्राप्त हुए धनके द्वारा गौएँ खरीदकर उनका दान करता है, वह उस धनसे धर्मपूर्वक उपार्जित हुए अक्षय लोकोंको प्राप्त होता है
من اشترى الأبقار بمالٍ ناله من ميراث آبائه ثم قدّمها عطيةً، بلغ عوالم لا تفنى—عوالم تُنال بمالٍ اكتُسب على نهج الدارما.
पितामह उवाच