Śakra–Śambara Saṃvāda: Brāhmaṇa-sevā, Anasūyā, and Vāg-bala (शक्रशम्बरसंवादः)
एतत् कृत्यतमं राज्ञो नित्यमेवोपलक्षयेत् । यथा5त्मानं यथा पुत्रांस्तथैतान् प्रतिपालयेत्,राजा जिस प्रकार अपनी तथा अपने पुत्रोंकी रक्षा करता है उसी प्रकार इन ब्राह्मणोंकी भी करे। यही राजाका प्रधान कर्तव्य है; जिसपर उसे सदा ही दृष्टि रखनी चाहिये
هذا هو أوجب واجبات الملك وأعظمها، وعليه أن يلحظه على الدوام. فكما يحمي نفسه وأبناءه، كذلك ينبغي أن يحمي هؤلاء البراهمة أيضًا.
भीष्म उवाच