धन्यं यशस्यमायुष्यमिदमाख्यानमुत्तमम् | बुभूषताभिमन्तव्यं सर्वदुश्चरितापहम्,यह उत्तम आख्यान धन, यश और आयुकी प्राप्ति करानेवाला है। इससे सब प्रकारके दुष्कर्मोंका नाश हो जाता है, अतः अपनी उन्नति चाहनेवाले पुरुषको सदा ही इसके प्रति आदरबुद्धि रखनी चाहिये
هذه الحكايةُ الساميةُ تجلبُ الغنى والذكرَ الحسنَ وطولَ العمر. وهي تمحو شتّى صنوفِ السيئات؛ فلْيُبقِ من يبتغي الارتقاءَ في نفسه احترامًا دائمًا لها.
भीष्म उवाच