ययातेर्वानप्रस्थतपःस्वर्गारोहणम् | Yayāti’s Vānaprastha Austerities and Ascent to Heaven
ययातिरुवाच कथं तु ते सखी दासी कन्येयं वरवर्णिनी । असुरेन्द्रसुता सुभ्रू: परं कौतूहलं हि मे,ययाति बोले--सुन्दरी! यह असुरराजकी रूपवती कन्या सुन्दर भौंहोंवाली शर्मिष्ठा आपकी सखी और दासी किस प्रकार हुई? यह बताइये। इसे सुननेके लिये मेरे मनमें बड़ी उत्कण्ठा है
قال يَياتي: «أيتها الفتاة الحسناء، كيف صارت شارميشثا—ابنة ملك الأسورا، ذات الحاجبين الجميلين—صديقتك وخادمتك معًا؟ إن فضولي عظيم، فأخبريني.»
वैशम्पायन उवाच