अध्याय ७४: अक्रोध–क्षमा–निवासनीति
Chapter 74: Non-anger, Forbearance, and the Ethics of Residence
नारीणां चिरवासो हि बान्धवेषु न रोचते । कीर्तिचारित्रधर्मघ्नस्तस्मान्नयत मा चिरम्,'स्त्रियोंका अपने भाई-बन्धुओंके यहाँ अधिक दिनोंतक रहना अच्छा नहीं होता। वह उनकी कीर्ति, शील तथा पातिव्रत्य धर्मका नाश करनेवाला होता है। अतः इसे अविलम्ब पतिके घरमें पहुँचा दो”
إن إقامة المرأة طويلاً في بيوت الإخوة والأقارب لا تُستحسن؛ فهي مما يفسد سمعتها وخُلُقها ويهدم دَرْمَة الوفاء للزوج. فابعثوا بها من غير إبطاء إلى بيت زوجها.”
कण्व उवाच