अध्याय ३५ — वासुकिचिन्ता-शमनम्
Vāsuki’s Anxiety and Brahmā’s Confirmation
ऑपन--माजल छा जि पज्चत्रिशो< ध्याय: मुख्य-मुख्य नागोंके नाम शौनक उवाच भुजजड़मानां शापस्य मात्रा चैव सुतेन च । विनतायास्त्वया प्रोक्ते कारणं सूतनन्दन,शौनकजीने कहा--सूतनन्दन! सर्पोको उनकी मातासे और विनता देवीको उनके पुत्रसे जो शाप प्राप्त हुआ था, उसका कारण आपने बता दिया
قال شاونَكا: «يا ابن السُّوتا! لقد بيّنتَ سبب اللعنة التي نالها الناگا من أمّهم، وسبب اللعنة التي نالتها الإلهة فينَتا من ابنها.»
शौनक उवाच