Ādi Parva, Adhyāya 158 — Aṅgāraparṇa-saṃvāda and Gaṅgā-tīrtha Saṃghaṭṭa
Encounter at the Gaṅgā ford
अवध्यां स्त्रियमित्याहुर्धर्मज्ञा धर्मनिश्चये धर्मज्ञान् राक्षसानाहुर्न हन्यात् स च मामपि,धर्मज्ञ विद्वानोंने धर्म-निर्णयके प्रसंगमें नारीको अवध्य बताया है। राक्षसोंको भी लोग धर्मज्ञ कहते हैं। इसलिये सम्भव है, वह राक्षस भी मुझे स्त्री समझकर न मारे
قال البراهمي: «لقد قال العارفون بالدارما عند الفصل في أحكامها إن المرأة لا تُقتل. ويُقال عن بعض الرّاكشَسا أيضًا إنهم يعرفون الدارما. فلعلّ ذلك الرّاكشَسا يظنّني امرأةً فلا يقتلني.»
ब्राह्मण उवाच