Uccaiḥśravas and the Counsel to Churn the Ocean (उच्चैःश्रवसः प्रादुर्भावः — समुद्रमन्थन-परामर्शः)
भ्रातृश्व मातुलांश्वैव तथैवान्यान् स पन्नगान् । पितृश्च तारयामास संतत्या तपसा तथा,उन्होंने मामा तथा ममेरे भाइयोंको एवं अन्यान्य सम्बन्धोंमें आनेवाले सब नागोंको संकटमुक्त किया। इसी प्रकार तपस्या तथा संतानोत्पादनद्वारा उन्होंने पितरोंका भी उद्धार किया
وقد خلّص من الكرب الحيّاتَ: أخوالَه وأبناءَ أخواله وسائرَ البَنَّغَة. وكذلك، بتقشّفه وباستمرار النسل، أنقذ أيضًا الآباءَ الأقدمين (Pitṛ) ومنحهم الخلاص.
शौनक उवाच