भीमस्य जलान्वेषणं तथा वनविश्रान्तिः
Bhīma’s Search for Water and the Forest Halt
व्यधमत् तान्यनीकानि तत्क्षणादेव भारत । दुर्योधनं विकर्ण च कर्ण चापि महाबलम्,उस समय दुर्योधन, विकर्ण, सुबाहु, दीर्घलोचन और दुःशासन बड़े क्रोधमें भरकर बाणोंकी वर्षा करने लगे। भारत! युद्धमें परास्त न होनेवाले महान धनुर्थर ट्रुपदने अत्यन्त घायल होकर तत्काल ही उन सबकी सेनाओंको अत्यन्त पीड़ित कर दिया। वे अलातचक्रकी भाँति सब ओर घूमकर दुर्योधन, विकर्ण, महाबली कर्ण, अनेक वीर राजकुमार तथा उनकी विविध सेनाओंको बाणोंसे तृप्त करने लगे
vaiśampāyana uvāca |
vyadhamat tāny anīkāni tatkṣaṇād eva bhārata |
duryodhanaṃ vikarṇaṃ ca karṇaṃ cāpi mahābalam ||
قال فايشامبايانا: «يا بهاراتا، في تلك اللحظة بعينها حطّم تلك الصفوف القتالية. وأصاب دوريودhana، وفيكارṇa، وكذلك كَرṇa ذا البأس العظيم.»
वैशम्पायन उवाच