कर्णप्रवेशः—रङ्गे द्वन्द्वयुद्धप्रस्तावः तथा अङ्गराज्याभिषेकः
Karna’s Entry, Duel Proposal, and Consecration as King of Aṅga
वैशम्पायन उवाच एवमुक्त्वा कुरून् सर्वान् कुरूणामेव पश्यताम् | क्षणेनान्तर्हिता: सर्वे तापसा गुह्र॒कः सह,वैशम्पायनजी कहते हैं--जनमेजय! समस्त कौरवोंसे ऐसी बात कहकर उनके देखते-देखते वे सभी तपस्वी मुनि गुह्कोंके साथ क्षणभरमें वहाँसे अन्तर्धान हो गये
قال فايشَمبايانا: يا ملكَ جنميجيا! لما قال ذلك لجميع الكورو، وعلى مرأى منهم، اختفى أولئك النساك الزهّاد جميعًا مع غوهاكا في لحظة من المكان.
वैशम्पायन उवाच